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“बिहार में रमजान 1447 हिजरी का चांद दिखाई दिया, गुरुवार से शुरू होगा रोज़ा”

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फुलवारीशरीफ, 18 फरवरी 2026। हज़रत मौलाना मुहम्मद अनज़र आलम क़ास्मी साहब, क़ज़ी शरीयत, केंद्रीय दारुल क़ज़ा, शरिया अमीरात, बिहार, ओडिशा और झारखंड, फुलवारी शरीफ, पटना ने बुधवार, 18 फरवरी, 2026 को (29 शाबान-उल-मुअज़्ज़म 1447 हिजरी) रमजान के महीने का चांद देखने का कार्यक्रम शरिया अमीरात के केंद्रीय कार्यालय फुलवारी शरीफ, पटना में आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक विद्वानों ने चांद के दर्शन की विधिवत प्रक्रिया का पालन किया। हालांकि पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों में चांद दिखाई नहीं दिया, लेकिन रांची, लोहरदगा, छत्तर-ए-यासी, नवादा, दरभंगा, गया, देहरी-ऑन-सोन और अन्य स्थानों से चांद दिखाई देने की पुष्टि की गई। इस आधार पर धार्मिक अधिकारिक घोषणा की गई कि गुरुवार, 19 फरवरी, 2026 से रमजान 1447 हिजरी का महीना प्रारंभ होगा और मुसलमानों को रोज़ा रखने की तैयारी करनी चाहिए।
हज़रत मौलाना मुहम्मद अनज़र आलम क़ास्मी ने कहा कि रमजान का महीना ईमान, इबादत, संयम और परोपकार का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस महीने में रोज़ेदारों को सूर्योदय से पहले सहरी करना और सूर्यास्त के समय इफ्तार करना अनिवार्य होगा। साथ ही ज़कात, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद, सामुदायिक नमाज और सामाजिक समर्पण के महत्व पर भी जोर दिया गया।
धार्मिक समुदाय ने इस अवसर पर रमजान की तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्देश प्राप्त किया। मस्जिदों में इफ्तार और तरावीह की व्यवस्था, सामाजिक दूरी और स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी घोषणा के अनुसार सार्वजनिक स्थलों और मस्जिदों में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया।
रमजान के महीने के आगमन के साथ ही बिहार और आसपास के राज्यों के मुसलमानों में उत्साह और धार्मिक श्रद्धा की लहर महसूस की जा रही है। इस अवसर पर कई धर्मगुरुओं ने लोगों से अपील की है कि वे रमजान के दौरान संयम, सहयोग और आपसी भाईचारे का पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि रमजान का महीना व्यक्तिगत और सामाजिक सुधार का अवसर है और इसका सही पालन जीवन में आध्यात्मिक उन्नति लाता है।
विशेष रूप से फुलवारी शरीफ, पटना और इसके आस-पास के क्षेत्रों में मुसलमानों ने रोज़ा रखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने भी रोज़ेदारों को सही पोषण और सुरक्षित व्यवहार पर सलाह दी है।
रमजान के पहले दिन से ही मस्जिदों और घरों में नमाज़, कुरान पाठ, इफ्तार, और दान देने का सिलसिला शुरू होगा। धार्मिक संगठनों और प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि इस महीने में किसी भी प्रकार की असुविधा या संघर्ष न हो।
इस प्रकार, गुरुवार, 19 फरवरी, 2026 से पूरे बिहार में रमजान 1447 हिजरी का महीना प्रारंभ होगा और मुसलमानों के लिए यह महीने ईमान और इबादत में गहनता, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का अवसर लेकर आएगा।

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